किसान बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन कृषि के लिए सबसे बड़ा खतरा है। जलवायु परिवर्तन से मतलब है कि जलवायु की अवस्था में काफी समय के लिए बदलाव। जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक आंतरिक बदलावों या बाहरी कारणों जैसे ज्वालामुखियों में बदलाव या इंसानों की वजह से जलवायु में होने वाले बदलावों से माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र का जलवायु परिवर्तन पर सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन पर हाल में बड़े स्तर पर एक सम्मेलन का आयोजन किया था। सम्मेलन का विषय था जलवायु परिवर्तन मनुष्य की ओर से। इसमें जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक कारणों में अंतर बताने की कोशिश की है। इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन को इस तरह से परिभाषित किया गया कि जलवायु परिवर्तन सीधे-सीधे मानव जनित कारणों पर निर्भर रहता है। पूरे वातावरण पर प्रभाव पड़ता है। भारत में ग्रामीण क्षेत्रों के किसान ‘संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन’ की वैज्ञानिक शब्दावली नहीं समझते हैं। वह सबसे पहले जलवायु परिवर्तन से दो-चार होते हैं। जलवायु सीधे तौर पर उनके जीवनयापन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव डालता है। गेहूं और मक्के की ...
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